Varanasi Circle Rate List – वाराणसी सर्किल रेट ऑनलाइन कैसे देखें

जब कोई भी व्यक्ति जमीन को खरीदते या बेचते है तो उस जमीन का सर्किल रेट क्या होता है, यह जानना बेहद जरुरी होता है. क्योंकि, सर्किल रेट के अनुसार स्टाम्प ड्यूटी एवं रजिस्ट्री चार्ज लगाया जाता है. इसलिए सर्किल रेट पता होना जरुरी है. पहले के समय में सर्किल रेट पता करने के लिए राजस्व विभाग के ऑफिस में जाना पड़ता था. लेकिन अब ये सुविधाएँ को उत्तर प्रदेश सरकार ने ऑनलाइन कर दिया है. जिससे कोई भी व्यक्ति अपने घर बैठे ऑनलाइन सर्किल रेट पता कर सकते है.

लेकिन अभी भी कुछ ऐसे लोग है, जिन्हें इसके बारे में नही पता है. इसलिए, ऑनलाइन जमीन का सर्किल रेट देखने के लिए इस आर्टिकल में पूरी प्रोसेस दिया गया है. जिसको फॉलो कर वाराणसी जमीन का सर्किल रेट आसानी से पता कर सकते है.

सर्किल रेट क्या होता है?

किसी भी क्षेत्र के जमीन के न्यूनतम मूल्य को उस एरिया के अनुसार तय किया जाता है. और यह रेट राजस्व विभाग के स्थानीय विकाश प्रधिकरण द्वारा तय किए जाने वाले मूल्य को Circle Rate कहा जाता हैं. जो जमीन के विभिन्न कारकों पर निर्भर करता हैं. इसलिए, राज्य सरकार के राजस्व विभाग द्वारा निर्धारित मूल्य पर जमीन की रजिस्ट्री होती हैं.

क्योंकि, जमीन की रजिस्ट्री करते समय सर्किल रेट के अनुसार ही स्टाम्प ड्यूटी एवं रजिस्ट्री चार्ज एवं अन्य टेक्स का भुगतान करना पड़ता हैं. इसलिए किसी भी क्षेत्र में जमीन खरीद बक्री करने से पहले उस क्षेत्र के सर्किल रेट पता होना चाहिए.

वाराणसी सर्किल रेट लिस्ट ऑनलाइन कैसे देखें

यदि वाराणसी जिले का निवासी है, और सर्किल रेट लिस्ट देखना चाहते है तो निचे दिए गए प्रोसेस को फॉलो करे,

  • वाराणसी सर्किल रेट लिस्ट देखने के लिए सबसे पहले यूपी राजस्व परिषद के ऑफिसियल वेबसाइट पर जाए. या यहाँ दिए गए https://igrsup.gov.in/ के लिंक पर क्लिक कर डायरेक्ट ऑफिसियल वेबसाइट पर जा सकते है.
  • ऑफिसियल वेबसाइट पर जाने के बाद होम पेज पर मुल्यांकन सूचि के विकल्प कर क्लिक करे.
varanasi circle rate list dekhne ke liye mulyankn suchi par clik kare
  • मुल्यांकन सूची के आप्शन पर क्लिक करने के बाद एक नया पेज ओपन होगा. जिसमे अपने विवरण को सेलेक्ट करना हैं. जैसे: जनपद का नाम, उप निबंधक कार्यालय, फिर कैप्चा कोड को दर्ज करे.
varanasi circle rate list dekhne ke liye mulyankn suchi dekhe par clik kare
  • अपना विवरण दर्ज करने के बाद निचे मुल्यांकन सूची देखें पर क्लिक करें.
  • अब मुल्यांकन सूची अपलोड विवरण दिखाई देगा. इसमें सर्किल रेट देखने के लिए प्रति देखे के आप्शन पर क्लिक करे.
varanasi circle rate list dekhne ke liye prti dekhe par clik kare
  • प्रति देखे के आप्शन पर क्लीक करते ही सर्किल रेट के मुल्यांकन सूची PDF में Download हो जाएगा.
  • जिससे ओपन कर अपने क्षेत्र का सर्किल रेट देख सकते है.
  • यदि बीते हुए कुछ वर्ष पहले के सर्किल रेट देखना चाहते है की उस समय कितना था, तो यह देखने के लिए पूर्व की मुल्यांकन सूची देखें पर क्लिक करे.
varanasi circle rate list dekhne ke liye purv ke mulyankn suchi dekhe par clik kare
  • अब पिछले वर्ष क सर्किल रेट के मूल्याकं सूचि के लिस्ट ओपन हो जाएगा.
  • अब जिस भी पिछले वर्ष के जमीन के सर्किल रेट को देखना चाहते हैं. उस वर्ष के सामने प्रति देखें पर क्लिक करके सर्किल रेट देख सकते हैं.
varanasi circle rate list dekhne ke liye prti suchi dekhe par clik kare

इस प्रकार उपर दिए गए प्रोसेस को फॉलो कर आसानी से वाराणसी के सर्किल रेट लिस्ट देख सकते है.

इससे भी पढ़े,

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न: FAQs

Q. उत्तर प्रदेश में संपत्ति के स्टांप शुल्क मूल्य की गणना कैसे करें?

यदि उत्तर प्रदेश के निवासी है, और अपने संपत्ति के स्टाम्प शुल्क की गणना करना चाहते है, तो सर्किल रेट के माध्यम से स्टाम्प शुल्क की गणना कर सकते है.

Q. भारत में स्टांप ड्यूटी खरीदार या विक्रेता कौन देता है?

स्टाम्प शुल्क का भुगतान अधिकांश मामलों में संपत्ति खरीदार ही स्टांप शुल्क और पंजीकरण शुल्क का भुगतान करता है. लेकिन, विनिमय मामलों में, पंजीकरण और स्टाम्प शुल्क राशि लेनदेन में शामिल दोनों पक्षों द्वारा लगाई जाती है.

Q. क्या स्टांप ड्यूटी पर जीएसटी लागू है?

स्टांप शुल्क या पंजीकरण शुल्क में जीएसटी शामिल नहीं है. क्योंकि स्टांप शुल्क राज्य सरकारों द्वारा लगाया गया एक विशिष्ट शुल्क होता है और यह जीएसटी के अनुसार वर्गीकृत नही किया जा सकता है. इसलिए स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन पर कोई जीएसटी नहीं लगाया जा सकता.

Q. संपत्ति का बाजार मूल्य क्या है?

किसी भी संपत्ति का बाजार मूल्य उस संपत्ति के कीमत को दर्शाता है, जिस पर कोई संपत्ति खरीदारों को बेचने का उचित मूल्य है, जो संपत्ति को किसी विशेष समय पर मिलना चाहिए. और संपत्ति का बाजार मूल्य समय के अनुसार बदलता रहता है.

Leave a Comment