उत्तराखंड में जमीन रजिस्ट्री कैसे करें: अब घर बैठे होगी जमीन रजिस्ट्री, देखे पूरी जानकारी

जमीन की रजिस्ट्री एक ऐसी महत्वपूर्ण दस्तावेज है जो संपत्ति का पूर्ण स्वामित्व प्रदान करती है. किसी भी जमीन की रजिस्ट्री करने के लिए पहले मालिक का स्वामित्व ख़त्म कर नये मालिक को संपत्ति का स्वामित्व दिया जाता है. जमीन की रजिस्ट्री मालिकाना हक़ के साथ साथ संपूर्ण हक़ प्रदान करती है जिससे जमीन का स्वामी किसी भी कार्य के लिए खुद निर्णय ले सकता है.

उत्तराखंड जमीन रजिस्ट्री करने के लिए दोनों पक्षों को सभी शर्तों व क़ानूनी नियम का पालन करना होगा, जिससे समय अनुसार जमीन की रजिस्ट्री में किसी प्रकार की कोई समस्या उत्पन्न न हो. जमीन रजिस्ट्री कार्यालय में तहसील द्वारा दोनों पक्षों के दस्तावेज की मांग की जाती है जिसकी प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद जमीन रजिस्ट्री की प्रक्रिया शुरु की जाती है.

उत्तराखंड में स्टाम्प ड्यूटी और पंजीकरण शुल्क पुरुषों के लिए पंजीकरण शुल्क 2% और स्टंप ड्यूटी शुल्क 5% लगता है. इस पोस्ट में उत्तराखंड में जमीन रजिस्ट्री कैसे करें की पूरी स्टेप by स्टेप बताई गई है जिसे फॉलो कर उतराखण्ड जमीन की रजिस्ट्री कर सकते है.

उत्तराखंड में जमीन रजिस्ट्री कैसे कराए?

जमीन की रजिस्ट्री भारत में क़ानूनी तरीकों से की जाती है. जमीन की रजिस्ट्री एक ऐसा महत्वपूर्ण दस्तावेज होता है जिसकी सहायता से जिस जमीन की रजिस्ट्री आपके नाम हुई रहती है. उस जमीन का उपयोग खाताधारी किसी भी कार्य के लिए कर सकता है. यह आधिकार जमीन रजिस्ट्री के बाद ही प्राप्त होता है.

जमीन की रजिस्ट्री पुराने स्वामी का नाम हटा कर नये स्वामी का नाम रजिस्टर कर दी जाती है. जमीन रजिस्ट्री कराने में कुछ आवश्यक दस्तावेज की भी जरुरत पड़ती है, जिसकी जानकारी निचे दिया गया है. इसके साथ रजिस्ट्री के स्टेप बाय स्टेप प्रक्रिया भी उपलब्ध है.

जमीन रजिस्ट्री में लगनेवाले महत्वपूर्ण दस्तावेज?

जमीन रजिस्ट्री में लगनेवाले दस्तावेज निम्न है जिसकी जाँच कार्यालय द्वारा पूर्ण रूप से किया जाता है. उसके बाद जमीन रजिस्ट्री की मंजूरी दी जाती है.

  • पहचान-पत्र;
  • ड्राविंग लाइसेंस
  • आधार-कार्ड
  • पासपोर्ट
  • नॉन ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट
  • दोनों पक्षों का पासपोर्ट साइज़ फोटो
  • दो गवाहों के signature
  • आधार-कार्ड फोटो-कॉपी
  • जमीन सम्बंधित सभी महत्वपूर्ण दस्तावेज जैसे जमाबंदी, खतौनी, नकल और नक्शा, जमीन रसीद जो पहले विक्रेता द्वारा कटवाया गया हो.

उत्तराखंड में जमीन रजिस्ट्री कैसे करें

जमीन बेचने की स्थिति में भू कार्यालय द्वारा रजिस्ट्री प्राप्त करना आवश्यक है. क्योंकि, रजिस्ट्री दस्तावेज की मदद से ही मालिकाना हक़ प्राप्त होता है. किसी भी जमीन की रजिस्ट्री करा रहें है, तो सबसे पहले उस जमीन के दस्तावेजो कि जाँच अवश्य कर ले. जमीन खरीदने से पहले जमीन का नक्शा चेक करें. किसी अच्छे वकील से जमीन के दस्तावेज चेक कराएँ. उत्तराखंड में जमीन रजिस्ट्री करने के लिए निम्न स्टेप को फॉलो कर सकते है.

  • जमीन की रजिस्ट्री करने के लिए किसी अच्छे वकील की सलाह से दोनों पक्षों की मदद से बैनामा तैयार करें.
  • किसी भी जमीन की रजिस्ट्री करने के लिए बैनामा तैयार किया जाता है उसके लिए स्टंप पेपर तैयार करें.
  • स्टंप पेपर पर जमीन सम्बंधित रकम व नियम और सर्तों का वरण लिखित रूप से करें.
  • जमीन सम्बंधित सभी विवरण details में स्टंप पेपर पर लिखित करें.
  • बकाया दर ( बयाना ) स्टंप पेपर पर लिखित करें.
  • किस समय कितना पेमेंट हुआ है सभी बिलों की जानकारी details सहित जैसे डेट दिनांक समय सभी कर वरण आवश्यक है.
  • विक्रेता का हस्ताक्षर कराएँ जिसमे लिखा हुआ रहता है की में उपयोक्त सर्तों और नियमो को मानते हुए अपनी जमीन नये व्यक्ति के नाम करता है जिसमे आपका नाम दर्ज रहता है.
  • दोनों पक्षों के दो गवाहों के हस्ताक्षर स्टंप पेपर पर कराएँ.
  • उपरोक्त प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद स्टंप पेपर रजिस्ट्री ऑफिस में जमा करें.

ऑनलाइन उत्तराखंड जमीन रजिस्ट्री चेक कैसे करें?

किसी जमीन की रजिस्ट्री चेक करने के लिए ऑनलाइन वेब पोर्टल का उपयोग किसी भी इंटरनेट ब्राउज़र पर कर सकते है. जमीन रजिस्ट्री चेक करने की पूरी प्रक्रिया निचे उपलब्ध है जिसे फॉलो कर सकते है.

  • ऑनलाइन उत्तराखंड जमीन रजिस्ट्री चेक करने के लिए राजस्व विभाग की ऑनलाइन वेब पोर्टल https://bhulekh.uk.gov.in/ को open करें.
  • वेबसाइट open करने के बाद होम पेज right side public ROR पर क्लिक करें.
  • public ROR आप्शन पर क्लिक करने के बाद जनपद चुने व तहसील चुने, ग्राम चुने, ग्राम का पहला अक्षर सेलेक्ट करें.
janpad khasra khatouni dwara khojen rejsitri
  • खसरा/गाटा संख्या द्वारा खोजें:
  • खाता संख्या द्वारा:
  • रजिस्ट्री द्वारा:
  • mutation दिनांक द्वारा:
  • विक्रेता द्वारा व क्रेता द्वारा:
  • खातेदार के नाम द्वारा: चारो आप्शन का उपयोग अपने सुविधा अनुसार कर सकते है. लेकिन खाता/संख्या द्वारा खोजें आप्शन पर क्लिक करें.
  • खाता संख्या दर्ज करने के बाद खोजें आप्शन पर क्लिक कर उदाहरण देखें पर क्लिक करें.
khata sankhaya rejistri mutation vikreta kreta dwara khatedar

उपरोक्त प्रक्रिया करने के बाद जमीन सम्बंधित सभी विवरण open हो जाते है. जिसको आप अपने होम स्क्रीन पर देख व डाउनलोड कर सकते है. इसके बाद रजिस्ट्री की हुई खाताधारी का नाम, खसरा खतौनी सभी विवरण होम पेज पर open हो जाएगा.

उत्तराखंड में रजिस्ट्रेशन फीस कितनी है?

आवेदकपंजीकरण फ़ीसस्टंप ड्यूटी फीस% फ़ीस
पुरुष2%5%7%
महिला2%3.75%5.75%
पुरुष व महिला2%4.37%6.37%
पुरुष व पुरुष2%5%7%
महिला व महिला2%3.75%5.75%

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उत्तराखंड जमीन रजिस्ट्री सम्बंधित प्रश्न: FAQs.

Q. उत्तराखंड में जमीन रजिस्ट्री कैसे करें?

उत्तराखंड जमीन की रजिस्ट्री करने के लिए पहले अपने नजदीकी कार्यालय में जाए और सभी आवश्यक दस्तावेज जमा करे. कार्यालय द्वारा दस्तावेज की जाँच की जाएगी. उसके बाद जमीन रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूर्ण होगा.

Q. जमीन रजिस्ट्री के लिए क्या दस्तावेज चाहिए?

जमीन रजिस्ट्री के लिए पहचान पत्र, ड्राविंग लाइसेंस, आधार कार्ड, पासपोर्ट, नॉन ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट, दोनों पक्षों का पासपोर्ट साइज़ फोटो, दो गवाहों के signature व आधार कार्ड की फोटो कॉपी अदि जैसे डाक्यूमेंट्स चाहिए.

Q. जमीन रजिस्ट्री में कितना खर्चा आता है?

किसी जमीन की रजिस्ट्री करने में उस जमीन के कीमत के लगभग 5 से 10% का खर्च आता है. है. अर्थात, यदि स्टंप ड्यूटी की शुल्क 10 लाख है, तो उसमे 6% चार्ज लगता है. वही 10 लाख से अधिक है, तो 7% चार्ज भी लगा सकता है.

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