जमीन रजिस्ट्री के कितने दिन बाद दाखिल खारिज होता है

यदि आप किसी जमीन का रजिस्ट्री कराते है, तो उस जमीन का दाखिल ख़ारिज करना आवश्यक होता है. क्योकि दाखिल ख़ारिज जमीन के मालिक के लिए एक महत्वपूर्ण डॉक्यूमेंट होता है. जिससे यह पता चलता है की जमीन का संपूर्ण रूप से हक़दार कौन है, इसलिए जमीन रजिस्ट्री के बाद जमीन का दाखिल ख़ारिज करना जरुरी होता है.

दाखिल ख़ारिज के बाद जमीन के टाइटल में चंगे किया जाता है. और उस जमीन का सम्पूर्ण अधिकार नए मालिक को दे दिया जाता है. लेकिन अधिकास लोगो को यह जानकारी नही है की जमीन रजिस्ट्री के कितने दिन बाद दाखिल ख़ारिज होता है. इसलिए इस आर्टिकल में दाखिल ख़ारिज के बारे में पूरी जानकारी को उपलब्ध किया गया है. जिससे पढ़ कर पता कर सकते की जमीन रजिस्ट्री के कितने दिन बाद दाखिल ख़ारिज होता है.

दाखिल खारिज क्या है

दाखिल ख़ारिज एक महत्वपूर्ण डॉक्यूमेंट होता है. जो जमीन के खरीद विक्री के बाद बनाया जाता है. अर्थात यदि किसी व्यक्ति ने अपने जमीन को किसी दुसरे व्यक्ति से बेचता है तो खरीदने वाला व्यक्ति उस जमीन का दाखिल ख़ारिज करता है.

दाखिल ख़ारिज में जमीन बेचने वाले व्यक्ति का नाम हटाकर, जमीन को खरीदने वाले व्यक्ति का नाम दर्ज किया जाता है. इसी प्रक्रिया को दाखिल खारिज कहा जाता है. दाखिल खारिज की प्रक्रिया भारत के सभी राज्यों में लागू है. इस प्रक्रिया को राजस्व कार्यालयों द्वारा की जाती है.

जमीन रजिस्ट्री के कितने दिन बाद दाखिल खारिज होता है

यदि आपने किस व्यक्ति से जमीन खरीदी है और उस जमीन का दाखिल ख़ारिज कराना चाहते है. तो जमीन रजिस्ट्री के 45 से 90 दिनों के बाद दाखिल ख़ारिज करा सकते है. जमीन रजिस्ट्री के 90 दिन बाद दाखिल कारिज के नियम को निर्धारित किया गया है. क्योकि जमीन का मालिकाना हक़ न मिलना या उस प्रॉपर्टी को बेचने का अधिकार उस व्यक्ति को नही है. तो जमीन के रजिस्ट्री को रद्द करने के लिए 90 दिन का समय निर्धारित किया गया है.

इसलिए यदि आप किस जमीन को ख़रीदे है तो उस जमीन का दाखिल ख़ारिज 90 दिनों के बाद करा सकते है. यदि आप किसी जमीन को ख़रीदे है और उस जमीन का रजिस्ट्री कराए हुए काफी साल हो गए है. तो उस जमीन का दाखिल ख़ारिज करने से तहसीलदार इंकार देगा. और जमीन का दाखिल ख़ारिज नही हो पाएगा. यदि आपके जमीन का दाखिल ख़ारिज नही होता है. आप उस जमीन के पूर्ण रूप से मालिक नहीं हैं.

दाखिल खारिज कराना क्यों जरूरी है

दाखिल ख़ारिज करना इसलिए जरुरी होता है, क्योकि यदि आप किसी जमीन या मकान को खरीदते यानि रजिस्ट्री कराते है तो उस जमीन के रजिस्ट्री के साथ साथ उस जमीन का दाखिल ख़ारिज भी कराना जरुरी होता है. क्योकि दाखिल ख़ारिज कराने के बाद ही उस जमीन या प्रॉपर्टी का सम्पूर्ण से अधिकार प्राप्त होता है.

दाखिल खारिज होने से यह स्पष्ट हो जाता है कि आप ही उस संपत्ति के कानूनी रूप से मालिक है. इसके बाद अन्य व्यक्ति को उस संपत्ति पर कोई दावा करने का अधिकार नहीं होता है. इसलिए जमीन का दाखिल ख़ारिज कराना जरुरी होता है.

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न: FAQs

Q. दाखिल खारिज कराने में कितना खर्च आता है?

यदि आप किस प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री कराए है तो उस प्रॉपर्टी का दाखिल ख़ारिज करना होता है. दाखिल ख़ारिज कराने में आपको ₹2000 से लेकर ₹6000 तक खा खर्च आ सकता है.

Q. दाखिल खारिज नहीं होने पर क्या होगा?

यदि आप जमीन का दाखिल ख़ारिज नही कराते है तो आपके जमीन पर विवाद हो सकता है. क्योकि यदि आप ने जमीन का दाखिल ख़ारिज नही कराए है तो उस जमीन का सम्पूर्ण मालिकाना अधिकार आपको नही प्राप्त हुआ है.

Q. दाखिल खारिज कैसे कराये?

जमीन रजिस्ट्री के 90 दिन बाद दाखिल ख़ारिज करा सकते है. इसके लिए आपको अपने राजस्व कार्यालय में दाखिल ख़ारिज ए लिए आवेदन करना होगा. इसके बाद तहसीलदार आपके जमीन का दाखिल ख़ारिज कर देगा.

Q. दखिल खरिज में कितना समय लगेगा?

दाखिल ख़ारिज कराने के बाद 15 दिन से 30 दिन का समय लगता है. यदि आपके डॉक्यूमेंट में कोई त्रुटी है तो इससे अधिक दिन भी लग सकते है.

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