उत्तराखंड में दाखिल खारिज की फीस कितनी है 2024

uttrakhand me dakhil kharij ki fees kitni hai: किसी भी जमीन की खरीदारी की जाती है, तो उस जमीन की रजिस्ट्री की जाती है. रजिस्ट्री प्रक्रिया पूर्ण करने के बाद 45 से 90 दिनों के अन्दर दाखिल ख़ारिज करने की निश्चित समय कार्यालय द्वारा तय किया जाता है. दाखिल ख़ारिज करने के लिए दोनों पक्षों की अनुमति और दो गवाहों की आवश्यकता होती है, उसके बाद कार्यालय द्वारा सभी डॉक्यूमेंट की जाँच करके दस्तावेज से पुराने मालिक का नाम हटाकर नए मालिक का नाम जमीन दाखिल ख़ारिज कर दी जाती है.

दाखिल ख़ारिज की फीस जमीन के स्थान और क्षेत्र पर निर्भर करता है. आमतौर पर दाखिल ख़ारिज की फीस 2,000 से 2,500 तक लगते है. दाखिल ख़ारिज अलग अलग रजिस्ट्री प्रक्रिया पर भी निर्भर करता है. अगर जमीन चैरिटी या एनजीओ में दान किया जाता है, तो किसी प्रकार का कोई शुल्क नहीं लगता है. और दाखिल ख़ारिज करानेवाले व्यक्ति पिछड़े वर्ग, अनुसूचित जाति या जनजाति से संबंधित है, तो भी कोई शुल्क नहीं लगता है. उत्तराखंड में दाखिल ख़ारिज की फीस कितनी है. पूरी जानकारी इस आर्टिकल में स्टेप by स्टेप बताई गई है.

उत्तराखंड में दाखिल ख़ारिज फीस कितनी है

किसी भी संपत्ति की दाखिल ख़ारिज की जाती है, तो सबसे पहले स्टंप पेपर तैयार किया जाता है. स्टंप पेपर नजदीक तहसील कार्यालय द्वारा संपत्ति के अनुसार 100 या 50 का स्टंप पेपर लिया जाता है. किसी भी संपत्ति की दाखिल ख़ारिज की जाती है, तो 2,000 से 2,500 सौ रूपए तक का खर्च आता है. लेकिन नये नियम के अनुसार 2023 में उत्तराखंड राज्य द्वारा दाखिल ख़ारिज फीस को कम कर दिया गया है.

नये नियम के अनुसार अब बहुत कम समय और कम पैसे में उत्तराखंड के नागरिक दाखिल ख़ारिज करा सकते है. दाखिल ख़ारिज करने की प्रक्रिया उत्तराखंड राज्य द्वारा ऑनलाइन कर के पारदर्शी बना दिया गया है. जिससे किसी भी नागरिक को दाखिल ख़ारिज करने में किसी प्रकार की कोई समस्या उत्पन्न न हो,

  • यदि व्यक्ति किसी आवासीय संपत्ति का दाखिल ख़ारिज कराते है, तो 200 सौ या 700 सौ रूपए तक कुल खर्च आता है.
  • यदि किसान कृषि भूमी का दाखिल ख़ारिज कराते है, तो 100 या 350 रूपए तक का खर्च आता है.
  • अगर व्यक्ति द्वारा किसी व्यापर व्वावसयिक संपत्ति का दाखिल ख़ारिज कराया जाता है, तो इसमे लगनेवाले कुल खर्च 300 सौ या 1050 रूपए तक खर्च आता है.

उत्तराखंड में दाखिल ख़ारिज के नये नियम क्या है?

नये नियम के अनुसार दाखिल खारिज के लिए निम्न दस्तावेज का आवश्यकता होती है.

  • सबसे पहले रजिस्ट्री की हुई जमीन का महतवपूर्ण दस्तावेज
  • खाताधारी का खतौनी विवरण
  • जमीन जानकारी के लिए जमीन का नक्शा
  • तहसील कार्यालय द्वारा सुनिश्चित करने के लिए पहचान पत्र
  • स्थान जिला ब्लॉक गाँव की पहचान करने के लिए निवास प्रमाण पत्र

उत्तराखंड दाखिल ख़ारिज करने की प्रक्रिया

  • सभी दस्तावेज के साथ तहसील कार्यालय में दाखिल ख़ारिज के लिए आवेदन करें.
  • सभी दस्तावेज की फोटो कॉपी जमा करें.
  • कार्यालय द्वारा तय की गई शुल्क का भुगतान करें. और भुगतान बिल अपने पास रखें.
  • सभी प्रक्रिया पूरी होने के बाद तहसील कार्यालय द्वारा एक दाखिल ख़ारिज आधारित प्रतिलिपि प्रमाण पत्र दिया जायेगा.
  • सभी दस्तावेज सही होने पर कार्यालय द्वारा 30 से 45 दिनों के अन्दर दाखिल ख़ारिज कर दिया जतेगा.जाएगा.
  • फिर आपको अपने नाम किये हुए संपत्ति का स्वामित्व प्राप्त हो जायेगा.

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Q. उत्तराखंड में दाखिल ख़ारिज की फीस कितनी है?

उत्तराखंड में दाखिल ख़ारिज की फीस तय नहीं है. दाखिल ख़ारिज जमीन के मूल्य पर निर्भर करता है. अगर जमीन का मूल्य 1 लाख से 5 लाख रूपए तक है, तो 250 रूपए दाखिल ख़ारिज फीस लागता है.
अगर जमीन का मूल्य 500000 हजार से 1 करोड़ रूपए है, तो 5000 हजार रूपए तक दाखिल ख़ारिज लगता है.

Q. उत्तराखंड दाखिल ख़ारिज कराने में लगनेवाले दस्तावेज क्या है?

उत्तराखंड दाखिल ख़ारिज करने में लगनेवाले दस्तावेज निम्न है.
बिक्री की हुई जमीन की रजिस्ट्री दस्तावेज
क्खाताधारी का खाता
जमीन का नक्शा
पहचान पत्र
निवास प्रमाण पत्र

Q. नये नियम के अनुसार उत्तराखंड दाखिल ख़ारिज की फीस कितनी है?

नये नियम के अनुसार उत्तराखंड दाखिल ख़ारिज की फीस अलग-अलग स्थान या जमीन कैसी है. इस पर निर्भर करता है.
> यदि व्यक्ति द्वारा आवासीय जमीन की दाखिल ख़ारिज की जा रही है, तो 200 सौ से 700 रूपए तक खर्च लगता है.
> अगर किसी कृषि जमीन की दाखिल ख़ारिज की जा रही है, तो 100 से 300 रूपए तक खर्च आता है.
> यदि किसी व्यावसायिक भूमि की दाखिल ख़ारिज की जा रही है, तो 300 सौ से 100 हजार तक का खर्च आता है.

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