तालाब पट्टा खारिज करने का नियम: जाने क्यों पट्टा को ख़ारिज किया जाता है

तालाब का पट्टा विभिन्न सरकारी संस्थाओं गैर सरकारी संस्थानों द्वारा प्रदान किया जाता है, यानि तालाब सरकारी जमीन पर है. और उस तालाब को सरकार द्वारा पट्टा के रूप में दिया जाता है. यदि तालाब किसी व्यक्ति के नाम पर है, तो वह व्यक्ति पट्टा के रूप में देता है. इसलिए यह इस बात पर निर्भर करता है कि तालाब किस प्रकार का है और उस पर किसका मालिकाना हक है.

लेकिन यदि तालाब के पट्टा का समय अवधि समाप्त हो गया है. तो उस पट्टे को ख़ारिज कर दिया है. जिसे फिर से वह तालाब उस मालिक के अधिकार में हो जाता है. या कई बार ऐसा भी होता है कि तालाब पट्टा के शर्तो को उल्लंघन करने पर भी पट्टा को ख़ारिज कर दिया जाता है. जिसका कई नियम है. जो सभी लोगो को पता नही है इसलिए इस पोस्ट में तालाब का पट्टा ख़ारिज करने का नियम के बारे इ जानकारी को उपलब्ध किया गया है.

तालाब पट्टा खारिज करने का नियम

तालाब का पट्टा ख़ारिज करने के कई नियम होता है. जिसके अनुसार तालाब का पट्टा को ख़ारिज किया जा सकता है.

  • यदि पट्टेधारक ने पट्टा के शर्तों का उल्लंघन करता है. जैसे कि किराया न देना, तालाब का दुरुपयोग करना, या पट्टे की अवधि समाप्त होने के बाद भी तालाब पर कब्जा बनाए रखना, तो पट्टाधारक पट्टा खारिज कर सकता है.
  • यदि तालाब का उपयोग मछली पालन के अलावा किसी अन्य काम में तालाब का इस्तेमाल कर रहा है, तो पट्टा को ख़ारिज किया जा सकता है.
  • अगर नियम और कानून को तोड़कर तालाब का पट्टा दिया गया है, तो उसे भी खारिज किया जा सकता है.
  • यदि तालाब का पट्टा फर्जी दस्तावेजों के आधार पर दिया गया है. तो उसे भी ख़ारिज किया जा सकता है.
  • यदि तालाब को सार्वजनिक हित के लिए अधिग्रहित कर रहा है, तो पट्टा को खारिज किया जा सकता है.

तालाब का पट्टा खारिज करने की प्रक्रिया

तालाब का पट्टा खारिज करने की निम्न प्रकिया है. जिसे फॉलो कर पट्टा ख़ारिज करा सकते है.

  • पट्टा ख़ारिज करने के लिए सबसे पहले तालाब के मालिक को लिखित नोटिस देकर पट्टे के उल्लंघन या अन्य कारणों को दर्ज कर एक नोटिस जरी करना होगा.
  • पट्टाधारी को नोटिस मिलने के बाद उसे जवाब देने का मौका दिया जाना चाहिए.
  • पट्टेदार जवाब देना चाहता है, तो अधिकारी सुनवाई आयोजित करेगा और दोनों पक्षों को अपनी बात रखने का मौका देगा.
  • दोनों पक्षों को जबाब देने के बाद नोटरी द्वारा पट्टा खारिज करने का निर्णय लेती है.
  • यदि तालाब का दुरुपयोग किसी अन्य कार्य के लिए किया गया होगा. तो पट्टा खारिज कर दिया जाएगा.
  • पट्टा खारिज कर पट्टाधारी को नोटिस के माध्यम से आदेश भेज दिया जाएगा.

तालाब का पट्टा खारिज करने के लिए क्या करे

यदि पट्टा ख़ारिज करना चाहते है, तो निचे दिए गए प्रकिया को फॉलो करे.

  • पट्टा खारिज करने के लिए सबसे पहले अपने जिला या तहसील कार्यालय में में पट्टा ख़ारिज करने के लिए आवेदन दे.
  • आवेदन पत्र में पट्टा खारिज करने के कारणों को दर्ज करे.
  • इसके बाद आवेदन पत्र के साथ निम्न दस्तावेजो की फोटो कॉपी लगाए. जैसे पट्टा जारी करते समय का दस्तावेज, अधर कार्ड पहचान पत्र आदि.
  • आवेदन पत्र को न्यायालय में जमा करे. जिसकी जाँच कर सुनवाई की जाएगी.
  • यदि आपका पट्टा के कारण सही साबित होता है, तो तालाब की पत्ता को ख़ारिज कर दिया जाएगा.

ध्यान दे: पट्टा ख़ारिज करने से पहले अपने नजदीकी अवकल से एक बार सलाह अवश्य ले. क्योकि पट्टा ख़ारिज करने के निय राज्य के अनुसार भिन्न हो सकता है.

अक्सर पूछे जाने वाले संबंधित प्रश्न: FAQs

Q. तालाब का पट्टा कितने साल का होता है?

तालाब का पट्टा आमतौर पर 5 से 10 साल के लिए होता है. यदि दोनों लोगो के आपसी सहमती है, तो अधिक भी हो सकता है. लेकिन इसकी कुछ शर्त भी होता है. जिसे निभाना होता है, तो हर साल लगाना देना होता है.

Q. पट्टा कब रद्द किया जाता है?

यदि जब पट्टा का अवधि समाप्त हो जाता है या पट्टा के शर्तों का उल्लंघन करता है, तो पट्टेदार पट्टा को को रद्द कर सकता है. इसके लिए जिला कार्यालय में लिखित रूप से आवेदन दे कर पट्टा को रद्द कर सकता है.

Q. तालाब पर कब्जा करने की सजा?

यदि तालाब पर कोई कब्जा करता है, तो भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 447 के अनुसार अवैध कब्जा करने पर व्यक्ति को 3 माह की सजा या 550 रुपये का जुर्माना लगाया जाता है.

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