महिला के नाम से रजिस्ट्री करने के फायदे

महिला के नाम पर रजिस्ट्री करने के कई फायदे है. जब कोई व्यक्ति जमीन की खरीद या बिक्री करते हैं, तो उस जमीन का रजिस्ट्री करना पड़ता है और रजिस्ट्री के समय सरकार को स्टांप ड्यूटी और पंजीकरण शुल्क देना पड़ता है, जो सर्किल रेट के अनुसार अलग अलग होता है.

महिला के नाम से रजिस्ट्री करने के फायदे

यदि महिला के नाम पर किसी भूमि का रजिस्ट्री करते है, तो बिहार मे स्टांप शुल्क 5.7%, और पंजीकरण शुल्क 1.9% लगता है. वही यदि किसी पुरूष के नाम पर जमीन रजिस्ट्री करते है, तो बिहार में स्टांप शुल्क 6.3% पंजीकरण शुल्क 2.1% लगता है. और या राज्य के अनुसार अलग अलग होता है.

यदि महिला के नाम पर प्रॉपर्टी रजिस्ट्री तो स्टाम्प ड्यूटी पर महिलाओं को 2 प्रतिशत की छूट मिलती है

महिला के नाम पर रजिस्ट्री कराने से उन्हें संपत्ति पर पूरा अधिकार मिलता है. जिससे महिला कोई भी निर्णय ले सकती है. फिर चाहे इसमें पति, बच्चे या परिवार के कोई भी सदस्य सहमत हों या न हों.

यदि प्रॉपर्टी महिला के नाम पर रजिस्टर है तो वह प्रॉपर्टी को खरीदने, बेचने और या फिर उसे किराये पर देने के लिए स्वंम निर्णय ले सकती है.

यदि के नाम से जमीन है रो महिलाएं होम लोन लेना चाहती है, तो लोन पर कम ब्याज दरों होगा. इससे घर खरीदने की प्रक्रिया आसान हो जाता है. और लोन का भुगतान किए गए ब्याज पर काफी पैसे बचा सकते हैं.

उदाहरण के तौर पर

यदि किसी जमीन को 10 लाख रुपए में खरीदते है, तो पुरुष के नाम प्रापर्टी खरीदने पर सरकारी गाइड लाइन के अनुसार 6.3 प्रतिशत स्टाम्प ड्यूटी लगती है, तो 60 हजार रुपए स्टाम्प ड्यूटी लगेगी, लेकिन अगर वही प्रापर्टी महिला के नाम से खरीदते हैं, तो स्टाम्प ड्यूटी महज 57000 हजार रुपए लगती है,

इस प्रकार महिला के नाम एक छोटी सी प्रापर्टी खरीदने पर आपको सीधे 20 हजार रुपए की बचत या लाभ होता है, अगर ये ही छूट बढ़कर 4 प्रतिशत हो जाएगी, तो महिला के नाम से रजिस्ट्री कराने पर आपको सीधे 40 हजार रुपए की छूट 10 लाख की प्रापर्टी खरीदने पर होगी.

शरांश: भारत में महिला के नाम पर संपत्ति खरीदने के कई लाभ हैं. जो महिलाएं अपने नाम पर संपत्ति रखती हैं उन्हें कम ब्याज दरों से लेकर कर वित्तीय स्वतंत्रता से लेकर बेहतर संपत्ति तक का लाभ है, चाहे वह एक युवा महिला हों, या नाबालिक हो, या एक वृद्ध महिला हो.

FAQs

Q. क्या हम पत्नी के नाम पर संपत्ति खरीद सकते हैं?

भारत सरकार के क़ानूनी अधिकारों के आधार पर एक व्यक्ति अपने पत्नी के नाम से संपत्ति खरीद सकते है. यदि महिला के नाम से संपत्ति खरद रहे है, तो इसके कई लाभ भी है. जो राज्य सरकार के नियम के अनुसार अलग अलग है.

Q. पति ने पत्नी के नाम जमीन खरीदी पत्नी के मरने के बाद उसका असली वारिस कौन होगा?

यदि पत्नी के नाम से जमीन है और अचानक पत्नी का मौत हो जाता है, तो उस जमीन का असली वालिस उसके बच्चे होते है. क्योकि यदि पत्नी का अधिकार जितना पति के संपति पर होता है, उतना ही अधिकार पत्नी के सम्पति पर पति का होगा.

Q. अगर संपत्ति मेरी पत्नी के नाम पर है तो क्या मैं होम लोन ले सकता हूं?

यदि सम्पति पत्नी के नाम पर है, तो होम लोन ले सकते है. लेकिन बैंक तभी लोन देगा, जब सम्पति में आपका भी नाम होगा. अन्यथा लोन प्राप्त नही कर सकते है.

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