झारखंड में जमीन खरीदने के नियम: जाने और बचे भूमि विवादों से

यदि आप किसी भी क्षेत्र में जमीन खरीदना चाहते है, तो इसके लिए सरकार द्वारा कई नियम कानून बनाए गए है. इन नियमो के अनुसार ही जमीन को खरीद सकते है. यदि आप झारखण्ड राज्य के निवासी है और जमीन खरीदने के बारे में सोच रहे है, तो इसके लिए राज्य सरकार द्वारा कई प्रकार के नियम कानून बनाया गया है. इसलिए झारखण्ड के किसी भी नागरिक को जमीन खरदने पर सरकार द्वारा लागु किया गया नियम का पालन करना होगा.

इसके बाद पूर्ण रूप से जमीन को खरीद सकते है. और जमीन को अपने नाम करा सकते है. यदि नियम के अनुसार जमीन नही खरीदते है, तो आपके साथ धोखाधड़ी भी हो सकती है. इसलिए जमीन खरीदने में किसी प्रकार की कोई समस्या न हो. इसलिए इस पोस्ट में झारखण्ड में जमीन खरीदने के कानूनी नियम क्या क्या है. इसके बारे में जानकारी को दिया गया है. जो आपको जमीन खरदने में मदद करेगा.

झारखंड में जमीन खरीदने के नियम क्या है

झारखण्ड में जमीन खरीदने के लिए कुछ वैध नियमो और दस्तावेज की आवश्यकता पड़ती है. क्योकि, जमीन खरीदने के बाद रजिस्ट्री करना होता है, जो एक सरकारी दस्तावेज है जो कानूनी रूप से वैध होता है. इसलिए, इसे नियम से पूरा करने के लिए निम्नलिखित दस्तावेजों की आवश्यकता होगी:

  • जमीन खरीदने से पहले भूमि के अभिलेखों को देखना महत्वपूर्ण है.क्योकि अभिलेखों में भूमि का स्वामित्व, क्षेत्रफल, सीमाएं, ऋण, आदि शामिल होते हैं.
  • बिक्रेता और खरीदार की पहचान पत्र
  • जमीन का खतौनी, भू नक्शा, आदि की जाँच अवश्य करे.
  • जमीन का ब्योरा देखे.
  • जमीन खरीदने से पहले क्रेता के सभी डाक्यूमेंट्स की जाँच करे.
  • जमीन पर लोन या किसी अन्य का दायित्व नहीं होने का प्रमाण
  • स्टांप शुल्क और अन्य टैक्स का भुगतान करना होगा.
  • दोनों पक्षों के तरफ से दो गवाहों के signature कराएँ.
  • यह सभी प्रकिया अपने जिला के सब रजिस्ट्रार के कार्यालय के द्वारा करे.

Note: गैर-आदिवासी सीएनटी क्षेत्र में जमीन नहीं खरीद सकते है. क्योकि 2016 के अधिनियम के अनुसार, गैर-आदिवासी गैर-सीएनटी/एसपीटी क्षेत्र में जमीन खरीदने के लिए डीसी से अनुमति प्राप्त करना होगा.

लेकिन आदिवासी महिलाओं को सीएनटी/एसपीटी क्षेत्र में जमीन खरीदने का अधिकार है.

जमीन खरीदने से पहले इन सभी बातो पर अवश्य ध्यान दे.

इसके निचे दिए गए कानूनी दस्तावेजों और प्रकिया की जाँच जमीन खरीदने से पहले जरुर करे.

  • टाइटल डीड यह सुनिश्चित करता है कि जो व्यक्ति संपत्ति बेच रहा है उसके व्यक्ति के नाम पर संपत्ति है.
  • बिक्री विलेख यह सुनिश्चित होता है कि संपत्ति या जमीन किसी भी डेवलपर, समाज या अन्य से संबंधित तो नहीं है.
  • जमीन का टैक्स रसीदें सबसे महत्वपूर्ण कागजो में से एक हैं. जिन्हें आपको जमीन खरीदने से पहले जाँच अवश्य करना चाहिए. क्योकि, टैक्स रसीदें से यह पता चलता है कि उसके पिछले करों और भुगतान की गई है या नही.
  • गिरवी रखी गई जमीन की जांच करें क्योकि, आपके द्वारा खरीदी गई जमीन को विक्रेता द्वारा गिरवी तो नहीं रखा गया है.
  • जमीन रजिस्ट्रेशन करने से पहले जमीन को माप लें. क्योकि जमीन के टुकड़े की माप और उसकी सीमाएं बराबर है या नही.

झारखण्ड में जमीन खरीदते समय सावधानियाँ बरते

  • विक्रेता के पास जमीन का मालिकाना हक है या नहीं, यह सुनिश्चित करें.
  • विक्रेता के खिलाफ जमीन पर कोई मुकदमे या विवाद तो नहीं हैं, जांच करे.
  • जमीन के सभी दस्तावेजों सही है इसकी सावधानीपूर्वक जांच करें.
  • जमीन का नक्शा, खाता संख्या, भुगतान की रसीदें, आदि की जांच करें.
  • किसी भी दबाव में आकर जमीन न खरीदें.
  • जमीन खरीदने से पहले वकील से सलाह लें और जमीन खरीदने के नियमो के बारे में जानकारी प्राप्त करे.
  • जमीन खरीदने के बाद उस जमीन का रजिस्ट्री अवश्य कराए.
  • जमीन खरीदने के बाद सभी दस्तावेजों को सुरक्षित रखें.

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अक्सर पूछे जाने वाले सामान्य प्रश्न: FAQs

Q. झारखंड में जमीन खरीदने के लिए कौन सी प्रक्रिया अपनाई जाती है?

जमीन खरीदने के लिए निम्नलिखित प्रकिया की आवश्यकता होती है.
>जमीन के दस्तावेजों का सत्यापन
>विक्रेता और खरीदार के बीच समझौता पत्र पर हस्ताक्षर
>स्टांप पेपर और अन्य शुल्कों का भुगतान
>उप-पंजीयक कार्यालय में रजिस्ट्री
>दाखिल खारिज कराए.

Q. जमीन खरीदने से पहले किन-किन चीजों की जांच करनी चाहिए?

किसी भी जमीन को खरीदने से पहले उस जमीन का सभी दस्तावेज, बिक्री विलेख, पावर ऑफ अटॉर्नी, और विक्रेता के पास जमीन का मालिकाना हक है या नहीं, आदि सभी चीजो को जाँच करना आवश्यक है.

Q. झारखंड में जमीन खरीदने के लिए कौन से कानून लागू होते हैं?

झारखण्ड में जमीन खरदने के कई नियम है, जो इस प्रकार है:
>>झारखंड भू-राजस्व अधिनियम, 1920
>>झारखंड आदिवासी भूमि (हस्तांतरण, विरासत और सीमा) अधिनियम, 1950
>>झारखंड भू-सर्वेक्षण और रिकार्ड अधिनियम, 1922
>>झारखंड पंजीयन अधिनियम, 1908

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