अगर आप मध्यप्रदेश के निवासी हैं और आपके पास खुद की जमीन नहीं है, तो सरकार आपको सरकारी जमीन का पट्टा दे सकती है. कई लोगों को इस योजना की जानकारी नहीं होती है, इसलिए वे आवेदन ही नहीं कर पाते और ऐसी सुविधाओ से वंचित रह जाते है. इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे कि सरकारी जमीन का पट्टा MP में कैसे मिलता है, कौन आवेदन कर सकता है, कौन-कौन से दस्तावेज़ लगते हैं, और आवेदन करने की सही प्रक्रिया क्या है. इन सभी प्रक्रिया को जानने एवं समझने के लिए इस लेख को अंत तक जरुर पढ़े.
सरकारी जमीन का पट्टा
ध्यान दे, मध्यप्रदेश में पट्टा का मतलब सरकार द्वारा किसी व्यक्ति या परिवार को दी गई जमीन का अधिकारिक होता है. इसमें व्यक्ति को जमीन पर रहने या खेती करने का अधिकार दिया जाता है.
ध्यान रखें:
- पट्टा मिलने का मतलब यह नहीं है कि जमीन का मालिक हो गए हो.
- आप जमीन बेच नही सकते हो.
- सरकार अपनी शर्तो पर जमीन का पट्टा देती है इसलिए उसके नियमो का पालन करना अनिवार्य है.
पट्टा देने का मुख्य उद्देश्य:
- भूमिहीन लोगों को जमीन देना
- गरीब परिवारों को घर बनाने की सुविधा देना
- अवैध कब्जों को नियंत्रित करना
मध्यप्रदेश में सरकारी जमीन के प्रकार
अधिकतर लोग यह नहीं जानते है कि सरकारी जमीन भी अलग-अलग प्रकार की होती है. और पट्टा भी जमीन के प्रकार के अनुसार ही मिलती है.
नजूल जमीन: शहर या कस्बों में सरकारी जमीन
चरनोई जमीन: गांव में पशुओं के चरने की जमीन
बंजर जमीन: खाली पड़ी सरकारी जमीन
आवासीय पट्टा भूमि: घर बनाने के लिए दी जाने वाली जमीन
कृषि पट्टा भूमि: खेती के लिए दी जाने वाली जमीन
सरकारी जमीन का पट्टा MP किसे मिल सकता है
जमीन का पट्टा हर किसी को नही मिलता है. इसके लिए पात्रता निर्धारित की गई है उसी के अनुसार पट्टा दिया जाता है जो इस प्रकार है:
- आवेदक मध्यप्रदेश का निवासी होना चाहिए
- परिवार के पास पहले से जमीन नहीं होनी चाहिए
- गरीबी रेखा के नीचे या आर्थिक रूप से कमजोर होना चाहिए
- गांव में लंबे समय से रह रहा हो
- सरकारी जमीन पर वर्षों से कब्जा हो, आदि.
ऐसे लोगो को अधिक प्राथमिकता दी जाती है:
- अनुसूचित जाति (SC)
- अनुसूचित जनजाति (ST)
- गरीब परिवार
- विधवा महिला
- दिव्यांग व्यक्ति
पट्टा के लिए जरूरी दस्तावेज़
- आधार कार्ड
- निवास प्रमाण पत्र
- आय प्रमाण पत्र
- जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
- राशन कार्ड
- जमीन पर कब्जे का प्रमाण (यदि पहले से रह रहे हों)
- पासपोर्ट साइज फोटो
- ग्राम पंचायत का सत्यापन पत्र
मध्यप्रदेश में सरकारी जमीन का पट्टा कैसे बनाएं
सबसे पहले आपको अपने गांव की पंचायत या तहसील कार्यालय जाना होगा.
वहां अधिकारी से संपर्क यह जानकारी पता करनी होगी:
- जमीन उपलब्ध है या नहीं
- किस योजना के तहत पट्टा मिलेगा
- आवेदन कैसे करना है
अब ग्राम पंचायत से आवेदन हेतु फॉर्म प्राप्त करना होगा. फिर फॉर्म में पूछे गए सभी जरुरी जानकारी जैसे नाम, एड्रेस, आय विवरण, जमीन की आवश्यकता आदि भरनी होगी.
इसके बाद फॉर्म के साथ लगने वाले सभी जरुरी डाक्यूमेंट्स की फोटो कॉपी लगाकर जमा करना होगा.
अब अधिकारी आपके आवेदन के अनुसार फॉर्म एवं जमीन की जाँच करेगा, और सब कुछ सही होने पर पट्टा प्रदान करेगा.
नोट: कई जगह अभी ऑनलाइन आवेदन की सुविधा उपलब्ध नही है. लेकिन जहाँ उपलब्ध है वहां उसके अधिकारिक वेबसाइट पर जाकर, पट्टा के विकल्प पर क्लिक कर सभी जानकारी डालकर आवेदन पूरा करना होगा.
सरकारी जमीन का पट्टा मिलने में कितना समय लगता है
मध्य प्रदेश में सरकारी जमीन का पट्टा मिलना का समय कई बातों पर निर्भर करता है, जिसे समझना आवश्यक है.
- जमीन उपलब्ध है या नहीं
- जांच कितनी जल्दी होती है
- दस्तावेज़ सही हैं या नहीं
अगर आवेदन में दिया गया है सभी डिटेल्स सभी है तो पट्टा मिलने लगभग 6 महीने से 1 वर्ष तक का समय लग सकता है.
नोट: पट्टा लेने से पहले कुछ जरुरी बातो जो जानना आवश्यक है जैसे; कोई भी पहले करने से पहले ग्राम स्तर पर पट्टा सम्बंधित सभी जानकारी प्रदान करे, तथा इसके सम्बन्ध में किसी को भी कोई पैसा नही दे.
FAQs
आवेदन करने और अधिकारी द्वारा फॉर्म एवं जमीन का जाँच पूरा करने के बाद तहसीलदार और राजस्व विभाग पट्टा देने की प्रक्रिया पूरी करते हैं.
हाँ, अगर आप भूमिहीन हैं और सरकारी योजना के तहत आवेदन किया है तो आपको पट्टा मिल सकता है.
हाँ, शहरो में भी पट्टा मिलता है लेकिन उसकी प्रक्रिया थोड़ी अलग होती है.
