जमीन बंटवारा के नियम क्या है 2024 – जाने नियम एवं तरीका

पहले के समय में परिवार के सदस्य आपसी सहमति से जमीन का बंटवारा कर लेते थे. लेकिन आज के समय में अगर थोड़ी बहुत भी जमीन में गड़बड़ होती है, तो आपस में वाद-विवाद लड़ाई, झगड़े होना शुरू हो जा रही है. इसलिए जमीन बंटवारे का नियम क्या हैं, इसकी जानकारी होना जरूरी है.

कभी-कभी परिवार के बिच जमीन को लेकर ऐसी स्थिति हो जाती है कि अपने परिवार के सदस्य में विवाद होने लगते है. इसी कारण से ज्यादातर लोगों के मन में जमीन बंटवारे को लेकर सवाल उत्पन होते रहते हैं. ऐसी स्थिति से बचने के लिए लोग जमीन बटवारे नियम के अनुसार विभाजन करना चाहते है.

इसके लिए जमीन का बटवारा क्या है और जमीन बटवारे का कितने नियम है. जमीन बटवारे के सभी नियम निचे स्टेप by स्टेप उपलब्ध है.

जमीन बंटवारा के नियम क्या है?

पहले किसी व्यक्ति के 2 पुत्र हैं या फिर 3 पुत्र हैं, तो जमीन बंटवारे के वक्त उन सभी की सहमति होनी चाहिए. और जमीन बंटवारे के समय सभी का वहां पर उपलब्ध होना भी जरूरी है. लेकिन आज के दौर में बहुमत के आधार पर जमीन का बंटवारा किया जाता है.

अर्थात अगर किसी व्यक्ति के तीन पुत्र हैं और तीनों पुत्रों की आपस में सहमति नहीं है, यानी दो पुत्रों की सहमती है और एक पुत्र जमीन बंटवारे से सहमत नहीं है, तो इस बात को बहुमत के आधार पर सुलझाया जा सकता है.

Note: बहुमत के आधार पर उस तीसरे भाई का हक न लेते हुए. ऐसा बंटवारा किया जाए कि तीनों भाइयों में जमीन को समान हिस्सों में बांटी जाए और जो भाई उस बटवारे से सहमत नहीं है, उसका किसी भी प्रकार से नुकसान ना हो, और उसको भी अपना जमीन का पूरा हिस्सा दिया जाये. इस प्रकार बहुमत के आधार पर बंटवारा किया जाएगा.

जमीन बंटवारा करने का तरीका

जमीन का बंटवारा मुख्य रूप से तीन प्रकार से होता है, जो इस प्रकार है:

  • सहमती बंटवारा
  • पंचायत बंटवारा
  • रजिस्ट्री बंटवारा

जमीन का बंटवारा कैसे किया जाता है?

देश में जमीन का बटवारा उपरोक्त तीन प्रकार से होता है. लेकिन तीनो प्रक्रिया के विषय में विस्तार से समझना आवश्यक है. जो जमीन बंटवारा नियम को सरल एवं सुगम बनाता है.

1. सहमती बंटवारा

इस सहमती बंटवारे को सबसे आसान और सबसे जल्दी होने वाला बंटवारा भी कहा जाता है. क्योंकि, इस बंटवारे से आपको कोई भी ज्यादा लंबी चौड़ी प्रोसेस नहीं करनी पड़ती है.

सहमती बंटवारा करने के लिए जिन लोगों के बीच बंटवारा करना होता है, उन सभी लोगों को उपस्थित होना जरूरी है. जैसे कि अगर किन्ही तीन के बिच बंटवारा होना है, तो तीनों भाई को वहां पर होना जरूरी है. उसके बाद सभी एक साथ बैठकर आपसी चर्चा करते हैं जिसमें एक बात कर सबकी सहमती हो.

उस पर सभी लोग सहमत होते हैं तो उस प्रकार से उन तीनों भाई को जमीन का बंटवारा करके दे दिया जाता है. इसी को जमीन का सहमती बटवारा कहा जाता है.

2. पंचायत बंटवारा

अगर आप सहमति बंटवारे से खुश नहीं है और आप चाहते है की जमीन का बंटवारा अलग तरीके हो, तो आप पंचायत बंटवारा कर सकते है. पंचायत बंटवारा आपके पंचायत का सरपंच ही करता है. ऐसे कई केश होते हैं जिसको सुलझाने के लिए सरपंच का सहारा लेना पड़ता है.

इसी प्रकार जमीन का बंटवारा करने के लिए अपने पंचायत में सरपंच का सहारा ले सकते हैं. और अपनी जमीन का बंटवारा करने के लिए पंचायत में उपस्थित सभी व्यक्ति और सरपंच से अपनी जमीन बंटवारे में सहायता ले सकते हैं और जो भी फैसला उन सभी व्यक्ति के द्वारा होगा, वही फैसला लागू किया जाएगा.

3. रजिस्ट्री बंटवारा

यदि आपका मानना है की जमीन का बंटवारा सही तरीके से हो, तो आपको रजिस्ट्री बंटवारे की सहायता लेनी चाहिए. क्योंकि इस बंटवारे में सभी काम ऑफिशियल तरीके से किया जाते है. यह सबसे मजबूत और ठोस रजिस्ट्री बंटवारा होता है.

रजिस्ट्री कार्यालय से कुछ ऑफिसर आप की जमीन को चेक कर जमीन का बंटवारा करते हैं. जिसमें की किसी भी प्रकार के बटवारे में दिक्कित नहीं होती है.

जमीन बंटवारा का कानूनी प्रक्रिया से संबंधित अन्य तथ्य

  • संपत्ति का बंटवारा करने से पहले यह जान लेना आवश्यक है कि संपत्ति पर कोई कर्ज या अन्य प्रकार का लेन-देन संबंधी बकाया तो नहीं है.
  • सम्पति का वारिस बटवारा करने पर उस संपत्ति पर लिए गए कर्ज को चुकाने पर सहमत जतानी पड़ेगी.
  • जमीन के वसीयत के अनुसार किए गए संपत्ति बंटवारे में किसी भी तरह की खामी होने पर कानूनी तरीके से इसे सुलझाने का प्रयास करे.
  • जमीन का वसीयत नहीं लिखे होने पर आपसी तालमेल से मिलकर संपत्ति का बंटवारा कर लेना चाहिए और किसी भी तरह के विवाद न करे इसे बचे.

इसे भी पढ़े,

पूछे जाने वाले प्रश्न: FAQs

Q. जमीन का बटवारा कितने प्रकार के होते हैं?

जमीन का बटवारा तिन प्रकार के होते है.

  • सहमती बंटवारा
  • पंचायत बंटवारा
  • रजिस्ट्री बंटवारा

Q. जमीन बंटवारे के लिए क्या करना चाहिए?

जमीन के बटवारे के लिए सबसे पहले परिवार में सबकी सहमती बनाए. इसके बाद आपसी सहमती से जमीन को बराबर हिस्सों में बांटें और पेपर बनाए.

Q. जमीन का बंटवारा कौन करता है?

जमीन का बटवारा शुरूआती स्टार पर घर में ही होता है. लेकिन स्थिति सामान्य नही होता है, तो सरपंच के द्वारा जमीन का बंटवारा सुनिश्चित किया जाता है. और यदि यहाँ से भी स्थिति सामान्य नही होता है, तो अंत में कोर्ट द्वारा बंटवारा किया जाता है.

Q. जमीन के बंटवारे में कौन सी धारा लगती है?

जमीन के बंटवारे में धारा 116 लगती है. यदि जमीन के बटवारे में किसी प्रकार की कोई परेशानी या धोखाधड़ी होती है, तो पुलिस द्वारा धारा 116 लगाया जाता है.

Leave a Comment