Gram Panchayat Patta Niyam Up: राज्य में नागरिको को सुविधा के लिए ग्राम पंचायत की सुविधा प्रदान किया गया है, जिसके तहत सरकारी जमीन एवं पट्टा सम्बंधित कार्य भी दिए गए है. ग्राम पंचायत जरूरतमंद लोगो को पट्टा पर जमीन उपलब्ध करती है, जिससे वे अपने कार्य के लिए उपयोग कर सके.
लेकिन ग्राम पंचायत की जमीन पट्टा देने के लिए कुछ नियम निर्धारित है, जिसे आवेदन करने वाले व्यक्ति को पूरा करना पड़ता है. ग्राम पंचायत पट्टा एक कानूनी दस्तावेज है जो व्यक्ति को उसके आवेदन स्वीकार होने के बाद सरकारी जमीन के उपयोग का अधिकार देता है. ध्यान दे, यह एक निश्चित अवधि के लिए होता है, जिसके बाद पट्टा की जमीन सरकार को वापस कर दी जाती है. सबसे महत्वपूर्ण यह है कि जमीन का पट्टा तभी मिलता है जब आवेदन करने वाले के पास बिल्कुल भी जमीन ना हो.
उत्तर प्रदेश ग्राम पंचायत पट्टा नियम
ग्राम पंचायत का जमीन पट्टा पर लेने के लिए निम्न नियम का पालन करना अनिवार्य है:
- आवेदन करने से पहले पट्टा लेने वाले जमीन को चिन्हित करना महत्वपूर्ण है.
- पट्टा के लिए आवश्यक डाक्यूमेंट्स के साथ आवेदन करना होगा.
- आवेदन स्वीकार होने पर पट्टा का शुल्क जमीन के आकार यानि क्षेत्रफल एवं उपयोग के अनुसार देना होगा.
- ग्राम पंचायत की जमीन केवल भूमिहीन ग्रामीण किसान, सैनिकों, विधवाओं, आदि को उपलब्ध होगा.
- जमीन का उपयोग केवल आवेदन दर्ज कारण के अनुसार ही करना होगा.
- पट्टा के जमीन पर माकन नही बना सकते है, तथा उसका रजिस्ट्री भी नही कर सकते है.
- ग्राम पंचायत की जमीन पर गैरकानूनी कार्य नही कर सकते है.
- पट्टा के निर्धारित नियम से अलग कार्य करने के लिए ग्राम पंचायत कार्यालय से संपर्क करना होगा.
ग्राम पंचायत पट्टा के लिए कौन आवेदन कर सकता है?
ग्राम पंचायत पट्टा हेतु निम्न वर्ग के लोग आवेदन कर सकते है, जो इस प्रकार है.
- ग्राम पंचायत स्थायी निवासी
- अनुसूचित जाति/जनजाति के लोग
- गरीब और वंचित वर्ग के लोग
- भूमिहीन लोग
- विधवाएं
- तलाकशुदा महिलाएं
- विकलांग व्यक्ति
ग्राम पंचायत पट्टा के लिए आवश्यक डाक्यूमेंट्स
यदि आप ग्राम पंचायत की जमीन पट्टा पर प्राप्त करना चाहते है, तो आपके निम्न दस्तावेज होना आवश्यक है.
- आवेदन पत्र (भरा हुआ)
- निवास प्रमाण पत्र
- जाति प्रमाण पत्र
- आय प्रमाण पत्र
- भूमि नही होने का प्रमाण
उत्तर प्रदेश ग्राम पंचायत पट्टा की आवेदन प्रक्रिया
- सबसे पहले ग्राम पंचायत ऑफिस में जाए और पट्टा हेतु एक आवेदन फॉर्म मांगे.
- फॉर्म में पूछे गए सभी जानकारी जैसे नाम, माता-पिता का नाम, ग्राम, एड्रेस आदि जानकारी डाले.
- लगने वाले सभी आवश्यक दस्तावेजो का फोटो कॉपी फॉर्म के साथ लगाए.
- ध्यान दे: फोटो कॉपी पर अपना हस्ताक्षर अवश्य करे.
- जमीन पट्टा के लिए निर्धारित शुल्क का भुगतान अधिकारी को करे.
- आवेदन फॉर्म/पत्र को ग्राम पंचायत सचिव के पास जमा करें.
- सचिव आपके आवेदन की जाँच करेंगे और यदि सब कुछ ठीक पाया जाता है, तो आपके फॉर्म को ग्राम पंचायत समिति को भेजा जाएगा.
- ग्राम पंचायत समिति आपके आवेदन की जांच करेगी और यदि आपका आवेदन ठीक होता है, तो आपके नाम से एक निश्चित अवधि के लिए पट्टा कर दिया जाएगा.
शरांश:
उत्तर प्रदेश ग्राम पंचायत पट्टा नियम तहत केवल उन्ही लोगो को पट्टा मिलेगा, जिनके पास बिलकुल जमीन नही है. आवेदन के लिए उचित दस्तावेज के साथ एप्लीकेशन लिखे या फॉर्म भरे तथा उसे सम्बंधित विभाग में जमा करना होगा. पट्टा के सम्बन्ध में अधिकारी द्वारा आपके आवेदन की जाँच होगी, सब कुछ सही होने पर आपको निश्चित समय के लिए पट्टा दिया जाएगा.
FAQs
ग्राम पंचायत जमीन की पट्टे की अवधि अधिकतम 99 वर्ष की होती है. लेकिन आपके केस में आपके उपयोग के अनुसार कम भी हो सकती है.
ग्राम पंचायत पट्टा आबादी भूमि के लिए मिलता है. क्योंकि, इस जमीन का उपयोग खेती के लिए होता है. और किसान इसपर खेती कर अपना गुजरा कर सकते है.
ग्राम पंचायत पट्टा का शुल्क जमीन के आकर, उपयोग आदि पर निर्भर करता है. आप जमीन का उपयोग जिस प्रकार से करेंगे शुल्क उसी प्रकार से निर्धारित होगा.
ग्राम पंचायत पट्टा के लिए निर्धारित नियम एवं डाक्यूमेंट्स साथ आवेदन करना पड़ता है. यदि आपकी आवेदन सही होता है, तो ग्राम पंचायत समिति के तरफ से आपका पट्टा बन जाता है.
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