अगर आपने बिहार में जमीन खरीदी है या खरीदने की सोच रहे हैं, तो “खाता और खेसरा नंबर” का नाम जरूर सुना होगा. लेकिन कई लोगों को यह पता नहीं होता कि बिहार भूमि खाता खेसरा कैसे देखें, कैसे verify करें और जमीन का असली रिकॉर्ड कैसे चेक करें.
अक्सर जमीन खरीदते समय सबसे बड़ी गलती यही होती है कि लोग जमीन का रिकॉर्ड online verify नहीं करते है. बाद में पता चलता है कि जमीन पर mutation pending है, ownership clear नहीं है या dispute चल रहा है.
अच्छी बात यह है कि अब Bihar Bhumi Portal के जरिए आप घर बैठे खाता, खेसरा, जमीन मालिक का नाम और पूरा land record online check कर सकते हैं.
बिहार भूमि खाता खेसरा देखने के लिए प्रक्रिया
- Bihar Bhumi portal पर जाएं
- जमाबंदी पंजी देखें के option का चुनाव करे.
- जिला, अंचल और गांव select करें
- खाता नंबर, खेसरा नंबर या मालिक का नाम डालें
- Search पर क्लिक करें
- इसके बाद जमीन का पूरा रिकॉर्ड (RoR) स्क्रीन पर दिखाई देगा, जिसे आप download या print भी कर सकते हैं.
बिहार भूमि खाता खेसरा क्या होता है
जमीन के रिकॉर्ड में दो महत्वपूर्ण चीजें होती हैं:
| शब्द | मतलब |
|---|---|
| खाता नंबर | किसी जमीन मालिक के नाम से दर्ज सभी जमीन का account number |
| खेसरा नंबर | जमीन के एक specific plot का unique number |
आसान शब्दों में:
- खाता = जमीन मालिक का रिकॉर्ड
- खेसरा = जमीन के टुकड़े की पहचान
उदाहरण के लिए
मान लो किसी किसान के पास 3 अलग-अलग खेत हैं.
| खाता नंबर | खेसरा नंबर |
|---|---|
| 120 | 451 |
| 120 | 452 |
| 120 | 453 |
ध्यान दे: यहाँ खाता एक है लेकिन खेसरा अलग-अलग हैं.
बिहार भूमि खाता खेसरा ऑनलाइन कैसे देखें
भारत में 99.88% RoR records computerized हो चुके हैं. इसका मतलब है कि अब जमीन verification पहले से ज्यादा आसान हो गया है, जिसकी प्रक्रिया इस प्रकार है.
- सबसे पहले बिहार सरकार का official land portal https://biharbhumi.bihar.gov.in/ पर जाए.
- होम पेज पर जमाबंदी पंजी का विकल्प दिखाई देगा, उस पर क्लिक करे.
- अब आपको जमीन का location select करना होगा, जिसमे जिला, हल्का, मौजा, और अंचल होगा.
- अब जमीन का रिकॉर्ड देखने हेतु निम्न में से कोई भी जानकारी दर्ज कर सकते है.
- खाता नंबर से
- खेसरा नंबर से
- मालिक के नाम से
- हमारे अनुसार खेसर नंबर से रिकॉर्ड देखना ज्यादा बेहतर है, इसलिए उसे दर्ज कर सबमिट करे.
- अब आपके सामने जमीन मालिक का नाम, खाता नंबर, खेसरा नंबर, जमीन का area, जमाबंदी स्थिति आदि आ जाएगा, जिसे आप प्रिंट या डाउनलोड कर सकते है.
जमीन का खाता खेसरा क्यों चेक करना जरूरी है
मैंने खुद कई मामलों में देखा है कि लोग जमीन खरीद लेते हैं लेकिन बाद में पता चलता है कि:
- जमीन सरकारी निकली
- जमीन पर dispute चल रहा था
- जमीन का mutation नहीं हुआ था
इसलिए जमीन खरीदने से पहले हमेशा ये verify करें.
जरूरी चीजें Check करें
- खाता खेसरा सही है या नहीं
- जमीन मालिक वही है या नहीं
- जमीन पर कोई case या dispute तो नहीं
- mutation complete हुआ है या नहीं
बिहार भूमि रिकॉर्ड में ULPIN का महत्व
अब सरकार ULPIN (Unique Land Parcel Identification Number) system लागू कर रही है. ULPIN का मतलब है: हर जमीन को एक unique digital ID देना.
ULPIN से फायदे:
- जमीन की unique पहचान
- fraud कम होगा
- land dispute कम होंगे
- registry verification आसान होगा
भविष्य में खाता खेसरा के साथ ULPIN भी जरूरी हो सकता है.
जमीन Verification के लिए जरूरी दस्तावेज
- जमाबंदी copy
- registry document
- mutation certificate
- tax receipt (लगान रसीद)
- खाता खेसरा
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Conclusion
बिहार भूमि खाता खेसरा जमीन के सबसे महत्वपूर्ण रिकॉर्ड में से एक है। इसकी मदद से आप आसानी से पता कर सकते हैं कि जमीन किसके नाम पर है, कितनी जमीन है और उसका official रिकॉर्ड क्या है.
आज के समय में Bihar Bhumi Portal की मदद से यह प्रक्रिया बहुत आसान हो गई है. लेकिन जमीन से जुड़े मामलों में जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए. हमेशा खाता, खेसरा, mutation, registry और जमीन का नक्शा पूरी तरह verify करें.
FAQs
Bihar Bhumi portal पर जाकर जमाबंदी पंजी देखें option से खाता या खेसरा नंबर डालकर जमीन रिकॉर्ड देखा जा सकता है.
हाँ, खेसरा नंबर search करने पर जमीन मालिक का नाम और पूरा रिकॉर्ड दिखाई देता है.
हाँ, आप मालिक के नाम या खाता नंबर से भी search कर सकते हैं,
ULPIN धीरे-धीरे लागू हो रहा है और भविष्य में land verification का standard system बन सकता है.
